
दुर्ग जिले ने कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पारंपरिक फसलों से हटकर, जिले के किसानों ने अब उन्नत उद्यानिकी फसलों (सब्जियों) की खेती पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे दुर्ग अब प्रदेश में सब्जियों के उत्पादन का एक प्रमुख हब बन गया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र का सालाना कारोबार अब 200 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। यह सफलता किसानों द्वारा ड्रिप इरिगेशन, पॉलीहाउस और जैविक खेती जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का परिणाम है।
इस ‘कृषि क्रांति’ ने न केवल किसानों की आय में वृद्धि की है, बल्कि इसने स्थानीय बाजार को भी मजबूत किया है। गोभी, टमाटर, करेला और खीरा जैसी सब्जियों का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है, जिसकी आपूर्ति राज्य के बाहर भी की जा रही है। उद्यानिकी विभाग ने किसानों को सब्सिडी और प्रशिक्षण देकर प्रोत्साहित किया है। यह दुर्ग-भिलाई के लिए एक प्रेरणादायक कहानी है, जो दिखाती है कि कैसे सही तकनीक और सरकारी समर्थन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सकती है।