दुर्ग-भिलाई अब केवल इस्पात नगरी नहीं रहेगा, यह अब डिजिटल नवाचार का नया केंद्र बनने जा रहा है। आज छत्तीसगढ़ सरकार और प्रतिष्ठित IIT भिलाई के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत दुर्ग शहर में प्रदेश के पहले अत्याधुनिक आईटी पार्क की स्थापना की जाएगी। यह कदम स्थानीय युवाओं के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा, क्योंकि यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक और रोबोटिक्स जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
इस पार्क का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है, ताकि दुर्ग-भिलाई के प्रतिभाशाली इंजीनियर्स और उद्यमी यहीं रहकर देश के डिजिटल मानचित्र पर अपनी पहचान बना सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि IIT भिलाई के अकादमिक ज्ञान और राज्य सरकार के संसाधनों का यह संगम इस क्षेत्र को देश के प्रमुख ‘टेक्नोलॉजी हब’ में बदल सकता है। स्थानीय लोगों में इस घोषणा को लेकर खासा उत्साह है, जो क्षेत्र के आर्थिक और तकनीकी विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह पार्क न केवल तकनीकी कौशल को निखारेगा, बल्कि इसे दुर्ग-भिलाई के लिए एक नई वैश्विक पहचान भी देगा।