CG: झारखंड से आकर मवेशी चोरी करने वाला गिरोह धराया, 7 गिरफ्तार

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BY :  vikas sinha(Raipur)

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अंबिकापुर/सरगुजा। सरगुजा पुलिस ने अंतरराज्यीय मवेशी चोरी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड से आकर चोरी करने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चार मवेशी, एक पिकअप वाहन, एक बलेनो कार और नगद राशि बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पहले भी सरगुजा जिले में मवेशी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। घटना मंगलवार तड़के की है। जानकारी के मुताबिक, चांदनी चौक निवासी अंकित तिवारी सुबह करीब 5 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए खैरबार रोड की ओर निकले थे।

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इसी दौरान खैरबार रोड स्थित पुलिया के पास उन्होंने देखा कि एक बलेनो कार और पिकअप वाहन में सवार 6–7 लोग गाय और बछड़ों को रस्सियों से बांधकर पिकअप में लोड कर रहे हैं। संदेह होने पर अंकित तिवारी ने उनसे पूछताछ की, लेकिन आरोपियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। शंका गहराने पर अंकित तिवारी ने अपनी बाइक से वाहन सवारों का पीछा किया। इस दौरान आरोपी पिकअप वाहन को रनपुर खुर्द के जंगल क्षेत्र में खड़ा कर भागने की फिराक में थे। अंकित तिवारी ने तत्काल इसकी सूचना कोतवाली थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों वाहनों को रोक लिया। पुलिस ने बलेनो कार क्रमांक JH 24 D 8465 और पिकअप वाहन क्रमांक JH 01 EX 4982 में सवार कुल सात लोगों को हिरासत में लिया।

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पिकअप वाहन की तलाशी लेने पर उसमें चार मवेशी लोड पाए गए। पुलिस द्वारा मवेशियों के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. अकरम अंसारी (30 वर्ष) निवासी माडर, रांची; असलम खान (20 वर्ष), इरबाज खान (20 वर्ष), अमजद खान (23 वर्ष) निवासी सिकरी, थाना जारी, जिला गुमला; शाहरुख अंसारी (20 वर्ष), फिदाउल अंसारी (20 वर्ष) और अब्बु सहाब अंसारी (26 वर्ष) निवासी लोहनजरा, थाना पुसव, जिला गुमला (झारखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वे मवेशी चोरी करने के उद्देश्य से अंबिकापुर आए थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इससे पहले भी वे सरगुजा क्षेत्र से मवेशियों की चोरी कर उन्हें गुमला, झारखंड में बेच चुके हैं।

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आरोपी मुख्य रूप से आवारा घूमने वाले मवेशियों को निशाना बनाते थे, ताकि चोरी के बाद उनकी पहचान मुश्किल हो सके। पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 हजार 300 रुपये नगद भी जब्त किए हैं, जिसे चोरी से अर्जित रकम बताया जा रहा है। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2) बीएनएस एक्ट के साथ-साथ छत्तीसगढ़ कृषक परीक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मवेशी चोरी के मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और अंतरराज्यीय गिरोहों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वहीं, सतर्क नागरिक की भूमिका निभाने वाले अंकित तिवारी की सूचना को पुलिस ने इस सफलता का अहम कारण बताया है।

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