BY : vikas sinha (Raipur)

एनएमसी के नए नियमों के तहत अब जहां भी सरकारी मेडिकल कॉलेज खुलेंगे, वहां नर्सिंग कॉलेज खोलना अनिवार्य होगा। इससे प्रदेश में नर्सिंग सीटों और सरकारी संस्थानों की संख्या बढ़ेगी।

बीएससी नर्सिंग की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए अच्छी खबर ये है कि जहां-जहां सरकारी मेडिकल कॉलेज खुलेंगे, वहां नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। एनएमसी के नए नियम में ये अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश में 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज कवर्धा, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा, गीदम व जशपुर में खोले जाएंगे। महासमुंद, कोरबा, कांकेर में भी नए कॉलेज के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव भेजा था।

प्रदेश में अभी कुल 141 नर्सिंग कॉलेज
दूसरी ओर, हाल में राज्य सरकार ने नर्सिंग कॉलेजों की बिल्डिंग निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। ये नए नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर में खोले जाएंगे। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में अभी कुल 141 नर्सिंग कॉलेज हैं, लेकिन इनमें सरकारी केवल आठ ही हैं।
इस वजह से शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए काफी मारामारी रहती है। सरकारी कॉलेजों की फीस कम होने की वजह से छात्राएं पहले इन्हीं कॉलेजों में ही प्रवेश लेती हैं, लेकिन सीटें कम होने की वजह से सभी को मौका नहीं मिल पाता। इस वजह से उन्हें निजी कॉलेजों में ज्यादा फीस देकर पढ़ाई करनी पड़ती है। अब सरकारी कॉलेज बढऩे से कम फीस में ज्यादा छात्राओं को पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।

एनएमसी के नियम से नर्सिंग की पढ़ाई का मौका
एनएमसी के नाम्र्स के अनुसार अब जहां-जहां भी मेडिकल कॉलेज हैं, वहां नर्सिंग कॉलेज होना अनिवार्य किया गया है। इसलिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कांकेर, महासमुंद व कोरबा के लिए पहले ही शासन को प्रस्ताव भेज दिया था। कांकेर में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए चार साल हो गए हैं, लेकिन वहां अभी तक नर्सिंग कॉलेज नहीं है। महासमुंद व कोरबा मेडिकल कॉलेजों को भी तीन साल पहले ही मान्यता मिली है।