BY : Pranjal Yadav

छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम प्रशासनिक फैसला लिया गया है। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को आंशिक रूप से लागू करने का निर्णय हुआ है। इसके तहत जिले की पुलिसिंग दो अलग-अलग ढांचों में संचालित की जाएगी, जिससे प्रशासनिक नियंत्रण और जवाबदेही को नया स्वरूप मिलेगा।
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को आंशिक रूप से लागू करने का फैसला किया गया है। यह नई व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। इसके तहत रायपुर जिले को दो हिस्सों में बांटकर पुलिसिंग की जाएगी। जिले के 22 थाने पुलिस कमिश्नर के अधीन रहेंगे, जबकि शेष 10 थानों की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक (SP) संभालेंगे। इस संबंध में औपचारिक नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा।

भोपाल-इंदौर मॉडल पर आधारित व्यवस्था
रायपुर में लागू किया जा रहा यह मॉडल मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में पहले से लागू कमिश्नरेट सिस्टम से प्रेरित है। इस व्यवस्था के तहत शहरी और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिसिंग अलग-अलग ढंग से संचालित की जाती है, जिससे अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता मिलती है।

पूरे जिले में लागू होने की थी चर्चा
कमिश्नरी सिस्टम को लेकर पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि इसे पूरे रायपुर जिले में लागू किया जाएगा। गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी इस व्यवस्था के समर्थन में प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष रखा था, जिससे चर्चाएं और तेज हो गई थीं।
कैबिनेट बैठक में नहीं हो पाई चर्चा
सूत्रों के अनुसार, 21 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा प्रस्तावित थी, लेकिन आईएएस लॉबी के विरोध के चलते इस पर औपचारिक चर्चा नहीं हो सकी। बाद में प्रशासनिक सहमति बनने पर यह तय किया गया कि भोपाल-इंदौर मॉडल की तर्ज पर ही आंशिक कमिश्नरी सिस्टम लागू किया जाएगा।

आईपीएस लॉबी ने जताई आपत्ति
वहीं, आईपीएस लॉबी इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं दिख रही है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि पूरे जिले में सिस्टम लागू न होने से दो अलग-अलग प्रशासनिक ढांचे बनाने पड़ेंगे। इसके लिए न तो पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध है और न ही जरूरी संसाधन।
अधिकारियों का कहना है कि एक ही जिले में दो वरिष्ठ अधिकारियों का नियंत्रण रहने से कमिश्नरी सिस्टम प्रभावी होने के बजाय केवल औपचारिकता बनकर रह सकता है। इस व्यवस्था को लेकर विभाग के भीतर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।