

भिलाई से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने निकलकर आ रहा है, जिसने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। मामला दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र के कोहका तालाब के सामने स्थित करोड़ों की जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि एक चर्चित जनप्रतिनिधि ने शासकीय भूमि को निजी जमीन बताकर करोड़ों रुपए का सौदा कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, इस जमीन की डील करीब 11 करोड़ रुपए से ज्यादा में की गई है। सबसे बड़ी बात यह बताई जा रही है कि यह जमीन पहले एक दाऊ परिवार द्वारा नगर निगम को सौंपी जा चुकी थी, जिसके बाद यह भूमि निगम के अधिकार क्षेत्र में आ गई थी। यानी यह जमीन शासकीय रिकॉर्ड में नगर निगम की बताई जा रही है।

लेकिन अब आरोप लग रहे हैं कि इसी सरकारी जमीन को निजी बताकर एक बड़े बिल्डर को बेच दिया गया। पूरे मामले को “ट्रायंगल स्कैम” कहा जा रहा है, क्योंकि इसमें कई लोगों की मिलीभगत की चर्चा सामने आ रही है।
अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ जमीन घोटाला नहीं बल्कि जनता की संपत्ति पर डाका माना जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर करोड़ों की सरकारी जमीन का सौदा कैसे हुआ? किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चला? और क्या प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा?
भिलाई की जनता अब जवाब मांग रही है। क्योंकि मामला करोड़ों का है, जमीन सरकारी है, और आरोप बेहद गंभीर हैं।
