
दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र में एक विरोध प्रदर्शन उस वक्त हिंसक मोड़ ले बैठा, जब बिना अनुमति 50 से 60 लोगों की भीड़ मिनीमाता चौक पर एकत्रित हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी और पुतला दहन करने की कोशिश की, जिससे इलाके में कानून व्यवस्था प्रभावित हो गई।

मौके पर मौजूद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल ने जब प्रदर्शनकारियों से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे, तो वे कोई वैध अनुमति नहीं दिखा सके।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पुतला दहन रोकने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान झूमा-झटकी की स्थिति बन गई।

इस अफरा-तफरी के बीच माचिस से आग लगाने की कोशिश की गई, जिसमें ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
👉 आरक्षक गिरधारी मंडावी के दोनों हाथ झुलस गए
👉 आरक्षक अविनेश प्रताप सिंह के हाथ में चोट आई
👉 और आरक्षक टिकेंद्र साहू की आंख के पास गंभीर चोट लगी
मामले को गंभीरता से लेते हुए उतई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2) और 221 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
साक्ष्यों के आधार पर 8 आरोपियों को चिन्हित कर 3 मई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।