By : vikas sinha
छत्तीसगढ़ में विदेशी ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या ऐप से डॉलर में भी निवेश के नाम पर ठगी हो रही है। ऐसा ही मामला दुर्ग में सामने आया है। लोगों को रकम कई गुना करने, विदेश घुमाने का लालच देकर यूबीट, रेनबो, यश वर्ड, योएक्स, बॉड-ब्रो, एल-जीनियस जैसे ऐप से निवेश कराकर फंसाया जा रहा है।
अब ठगी के शिकार भी सामने आ रहे हैं। कोरबा में 46 लोगों ने एसपी से धोखाधड़ी की शिकायत की है। बिलासपुर में ऐसे ही मामले में FIR भी दर्ज हो चुकी है।
दरअसल, खुद को 2400 करोड़ की ठगी के मास्टरमाइंड लवीश चौधरी का साथी बताने वाला कोलकाता निवासी सनातन चरण अभी भिलाई में है। बैठकें कर वह लोगों को ऐप और वेब लिंक से डॉलर में निवेश करने का लालच दे रहा है।
8 अक्टूबर को सुपेला के एक होटल में हुई ऐसी बैठक में लोकल एजेंट के जरिए भास्कर रिपोर्टर बतौर कस्टमर शामिल हुआ। सनातन चरण ने बताया कि ‘उसने इस बार ‘डूफी’ ऐप लॉन्च किया है। यह ब्लॉक चेन पर आधारित है।

इसे डॉलर में 6 लोगों को बेचने पर 9 दिन में रकम दोगुनी हो जाएगी। ED के भारी दबाव के कारण ‘ब्रॉड-ब्रो’ को बंद कर ‘डूफी’ शुरू किया है। उसने यह भी बताया कि लवीश चौधरी ओमान गया हुआ है।

इस तरह चल रहा लालच देकर ठगी करने का खेल
केस 1- BSP कर्मियों को फंसाने के लिए मीटिंग
7 अक्टूबर 2025
समयः शाम 03:52 से 04:06 बजे
जगह: पावर हाउस ।
ब्रिज के नीचे बैठे 4 लोग रिटायर्ड बीएसपी कर्मियों और अन्य से डॉलर में निवेश से लाभ कमाने का षडयंत्र रच रहे थे। खुद को कारोबारी बताकर भास्कर रिपोर्टर इन्हीं के बीच बैठ गया। उनमें से एक को वे डॉलर में निवेश का टेक्निकल एक्सपर्ट सुनील सिंह, दूसरे को बीएसपी कर्मी मनोज चौहान और तीसरे को बिरयानी विक्रेता रियाज बता रहे थे। रियाज रिपोर्टर से निवेश को कह रहा था। फायदा पूछने पर चौथे ने कहा कि पहले काम कर लेते तो एक करोड़ चित्त होते।
केस 2- दावा- मैंने भिलाई में नेटवर्कर खड़े किए
11 अक्टूबर 25
समयः शाम 03:40 से 03:52 बजे
जगहः सब्जी मंडी सुपेला
चाय की दुकान पर दो व्यक्ति बैठे थे, तीसरा टहल रहा था। रिपोर्टर भी बगल में बैठ गया। बातचीत में एक व्यक्ति दोनों को राजिक-साजिक पुकार रहा था। तभी कथित साजिक ने कहा कि नेटवर्क के काम का हाई-लेवल उसने सबको सिखाया।
भिलाई में उसने अशोक साहू और सुनील चौकसे व दो अन्य को लगा रखा है। बाकी उसका काम बाहर-बाहर है। उसके साथ जुड़कर 500 डॉलर लगाने पर मोटा फायदा मिलेगा। यहां बड़े नेटवर्कर-लीडर उसने खड़े किए हैं।
केस 3- लालच दे रहे: 4 दिन में 10 से 20 हजार डॉलर
12 अक्टूबर 25
समयः सुबह 10:10 से 10:48 बजे तक

जगह: सेक्टर-6 ए मार्केट।
3 लोगों में बात हो रही थी। एक व्यक्ति ने दूसरे को बताया कि उसके लाखों रुपए डूब गए। दूसरे ने कहा कि मेरे पास दो-तीन करोड़ आए हैं। उसने कहा कि श्रीलंका गया था, वहां 10 हजार डॉलर डूब गए। उसने मोबाइल दिखाया नया प्लान है, तुम जुड़ो, चार दिन में 10 से 20 हजार डॉलर कमवाऊंगा।
ऐसे होती है ठगी
पैसा जमा करने के बाद ऐप बंद, दूसरा ऐप बनाकर ठगी
विदेशों में बैठे ठग पहले ऐप या वेब लिंक डेवलप करवाते हैं। फिर उसे लोकल साथियों को भेज देते हैं। वह लोग कम समय में रकम दो गुना, तीन गुना, चार गुना का लालच देकर लोगों से मोबाइल के जरिए संबंधित ऐप या वेब लिंक पर डॉलर में निवेश कराते हैं।
ऐप के प्रचार-प्रसार मीटिंग आदि के लिए वहां से फंड लेते हैं। रुपए लेकर डॉलर का इंतजाम वहीं कराते हैं। निश्चित अमाउंट मिलने के बाद ऐप अचानक क्रैश हो जाता है और निवेशकों की रकम डूब जाती है। लेकिन नेटवर्क चलाने वालों का नुकसान नहीं होता, क्योंकि उनको मोटा कमीशन पहले मिल गया होता है।
यह है कानून
भारत में डॉलर या किसी भी विदेशी मुद्रा में निवेश करना गैरकानूनी नहीं है, लेकिन विदेशी ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या ऐप से निवेश करना, जिन्हें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) या सेबी की मंजूरी नहीं है, गैर-कानूनी है।
