धर्मांतरण विवाद से छत्तीसगढ़ विरोध…कांकेर में भीड़ ने तोड़ा घर, रायपुर में सड़क पर उतरे हिंदू संगठन, जानिए क्यों हुआ बंद का ऐलान

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BY : VIKAS SINHA (RAIPUR)

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कांकेर जिले के आमाबेड़ा इलाके में कथित धर्मांतरण और उससे जुड़ी हिंसा के विरोध में बुलाए गए छत्तीसगढ़ बंद का असर राजधानी रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और बालोद जैसे जिलों में देखने को मिला

कांकेर जिले के आमाबेड़ा में धर्मांतरण और हिंसा की घटनाओं ने छत्तीसगढ़ की सियासत और सामाजिक माहौल को झकझोर दिया है। इसी घटनाक्रम के विरोध में सामाजिक और धार्मिक संगठनों के आह्वान पर बुधवार को पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ बंद बुलाया गया, जिसका असर कई जिलों में साफ नजर आया, जबकि कुछ इलाकों में जनजीवन सामान्य बना रहा। इस बीच आमाबेड़ा क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया, जहां एक धर्मांतरित महिला का घर तोड़े जाने की घटना सामने आई है।

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कांकेर जिले के आमाबेड़ा इलाके में कथित धर्मांतरण और उससे जुड़ी हिंसा के विरोध में बुलाए गए छत्तीसगढ़ बंद का असर राजधानी रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और बालोद जैसे जिलों में देखने को मिला। सुबह से ही बाजार, दुकानें, निजी संस्थान और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हालांकि अस्पताल, मेडिकल स्टोर और अन्य आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। 

वहीं दूसरी ओर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) और बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में बंद का खास असर नहीं दिखा। इन इलाकों में बाजार खुले रहे और रोजमर्रा की गतिविधियां सामान्य रहीं।

बंद के बीच कांकेर के आमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव में एक बार फिर विवाद भड़क उठा। गांव की धर्मांतरित महिला रामबाई तारम का घर तोड़ दिया गया। रामबाई का कहना है कि वह 5–6 साल से ईसाई धर्म अपना रही हैं और बीमारी के इलाज के दौरान उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ा था। उनका आरोप है कि हिंदू धर्म में वापस न लौटने की वजह से गांव वालों ने उनके घर में तोड़फोड़ की। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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रायपुर में हिंदू संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने संयुक्त रूप से बंद को सफल बनाने की कोशिश की। कई जगहों पर संगठन के कार्यकर्ता लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतरे और दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते नजर आए।  जगदलपुर, अंबिकापुर, दुर्ग और बिलासपुर में भी सुबह से बाजार बंद रहे। कुछ जगहों पर दुकानें खोलने को लेकर बहस की स्थिति बनी, हालांकि बाद में दुकानदारों ने शटर गिरा दिए। छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के कटोरा तालाब इलाके में स्थित ब्लिंकिट कार्यालय में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट की घटना सामने आई है।

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बालोद जिले में सुबह 7 बजे से संपूर्ण बंद रहा। बालोद मुख्यालय समेत दल्लीराजहरा, डौंडीलोहारा, डौंडी, गुरुर, गुंडरदेही, अर्जुन्दा और पुरूर में बाजार पूरी तरह बंद रहे। बंद समर्थकों ने सड़क निर्माण कार्य और शराब दुकानों को भी बंद कराया।  धमतरी में भी हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण के विरोध में प्रदर्शन किया और कई शराब दुकानों के शटर गिरा दिए।

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इन संगठनों का समर्थन


इस छत्तीसगढ़ बंद को RSS, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित कई सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों का समर्थन मिला। बंद के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन आंशिक से लेकर पूरी तरह प्रभावित रहा। डिलीवरी के दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट का वीडियो CCTV कैमरे में कैद हुआ है, जिसमें लाठी से हमला करते हुए कार्यकर्ता दिखाई दे रहे हैं।


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