सूदखोर रोहित की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोकः सिर्फ 4 मामलों में राहत, रायपुर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं 16 से ज्यादा केस

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BY : VIKAS SINHA (RAIPUR)

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सुप्रीम कोर्ट ने हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर पर दर्ज 4 मामलों पर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। ये चारों FIR पुरानी बस्ती थाने में जून-जुलाई 2025 में दर्ज की गई थी। चारों केस में रोहित तोमर पर पीड़ितों को डरा-धमकाकर ज्यादा ब्याज वसूलने का आरोप था।

सुप्रीम कोर्ट में रोहित का केस देख रहे एडवोकेट हिमांशु शर्मा ने बताया कि चारों ही केस में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई गई थी। कोर्ट में दलील दी गई थी कि चारों ही केस कॉमर्शियल लेन-देन से जुड़े हैं। इसके अलावा ब्याज में पैसा वैद्य साहूकारी लाइसेंस के आधार पर दिए गए थे।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 19 दिसंबर को चारों मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। हालांकि, इन चारों केस के अलावा रोहित पर दूसरे मामलों में भी कार्रवाई चल रही है। इन मामलों में पुलिस अब भी गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।

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भाई पकड़ा गया, रोहित का सुराग नहीं

9 नवंबर को पुलिस ने रोहित के साथ फरार चल रहे भाई वीरेंद्र तोमर को MP से गिरफ्तार कर रायपुर जेल भेजा था, लेकिन पूछताछ में भी उसने रोहित के ठिकाने के बारे में कुछ नहीं बताया। पुलिस जांच में सामने आया कि रोहित लगातार ठिकाने बदल रहा है और कुछ स्थानीय सहयोगी उसकी मदद कर रहे हैं।

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एक महिला ने 2015 में पुरानी बस्ती थाना में कर्ज नहीं चुकाने पर अननेचुरल सेक्स करने की रिपोर्ट दर्ज कराई।

एक युवक ने 2016 में पुरानी बस्ती थाना में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई।

कारोबारी को पैसा वसूलने जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली थाने में एफआईआर ।

भाठागांव की एक महिला ने मारपीट और जान से मारने की रिपोर्ट 2017 में दर्ज कराई।

भाठागांव की महिला ने 2018 में पुरानी बस्ती थाना में ब्लैकमेलिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई।

कोतवाली थाना में एक महिला ने 2019 में सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई।

कबीर नगर के कारोबारी ने 2019 में ब्लैकमेलिंग-सूदखोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

अमलीडीह के एक व्यक्ति ने मारपीट और गाली-गलौज की रिपोर्ट दर्ज कराई।

वीआईपी रोड स्थित होटल में पार्टी के दौरान जानलेवा हमला करने का केस दर्ज है।


तोमर बंधुओं के खिलाफ 5 महीने में 8 नए केस सामने आए हैं। उन पर 16 से ज्यादा अपराध के मामले दर्ज हैं। वहीं, मारपीट, धमकी, ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और सूदखोरी जैसे गंभीर आरोपों के 8 नए केस दर्ज हुए हैं। पुराने मामलों सहित दोनों भाइयों पर 16 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

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पीड़ितों के बड़े खुलासे – 10 गुना तक वसूली

नरेश सचदेवाः 2.5 लाख लिए 20 लाख लौटाए

गोपाल कुमारः 2 लाख लिए 28 लाख चुकाए

हरीश कछवाहा: 3.5 लाख लिए 50 लाख वापस

जयदीप बनर्जी: 16 लाख लिए 52 लाख वसूले

पुलिस की बड़ी तैयारीः पुराने केस फिर खुले, निगरानी बढ़ी

रायपुर पुलिस ने सभी पुराने मामलों की फिर से जांच शुरू की है। वित्तीय लेन-देन पर कड़ी नजर है। मोबाइल लोकेशन और नेटवर्क की साइबर जांच जारी है। सहयोगियों और सपोर्ट नेटवर्क पर सघन निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तोमर बंधुओं के कारण आम लोगों और छोटे व्यापारियों में सालों से भय का माहौल बना हुआ था।


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