BY : Pranjal Yadav

भारतदिल्ली-एनसीआरछत्तीसगढ़राज्यविश्वखेलव्यापारमनोरंजनEPaperप्रौद्योगिकीलाइफ स्टाइलअन्य खबरें BREAKING केंद्रीय बजट में रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर रहेगा खास जोर : रिपोर्टTrump ने मिनियापोलिस विवाद में पीछे हटने के दावे खारिज किएसूर्यकुमार ICC ranking में फिर से टॉप टेन में शामिल हो गएGoogle Photos में भारत के लिए नए AI-पावर्ड एडिटिंग फीचर्सMark Carney ने ट्रंप कॉल के बाद बयानों को नरम करने के दावे खारिज किएपर्यटन बना छत्तीसगढ़ का आर्थिक इंजन, संस्कृति बनी पहचान, पुरातत्त्व बना गौरव दो वर्षों की उपलब्धियों ने बदली तस्वीरबिहार: वाहन चालक को अशब्द बोलने वाले दारोगा हुए निलंबित, नो एंट्री में घुसी थी कारपूर्व गृह मंत्री Anil Deshmukh अजीत पवार की मौत पर फूट-फूटकर रो पड़ेवॉन डेर लेयेन ने भारत-EU राजनीतिक संबंधों की मजबूती बताईGermany : फ्रैंकफर्ट और बर्लिन में ड्यूश बैंक के ठिकानों की तलाशी Home/राज्य/छत्तीसगढ़/नियमित जमानत सौम्या…

छत्तीसगढ़ नियमित जमानत सौम्या चौरसिया-रानू साहू सहित कोयला घोटाले के इन आरोपियों को Top 10% ₹ 61. 18 Nilmani Pal28 Jan 2026 3:52 PM रायपुर। बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में सभी प्रमुख आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। इस मामले में सौम्या चौरसिया, रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी सहित अन्य आरोपियों को सर्वोच्च न्यायालय से रेग्युलर जमानत प्रदान कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, इससे पहले सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर थे। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें नियमित जमानत दी गई है। कोर्ट ने जमानत के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिनमें राज्य से बाहर रहने के निर्देश शामिल हैं।

यह जमानत भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बग़ाची की पीठ द्वारा दी गई। कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी तथ्यों और दलीलों पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे, हर्षवर्धन परघनीया, शशांक मिश्रा, तुषार गिरी और मुक्त गुप्ता ने पक्ष रखा। वहीं, राज्य शासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता रवि शर्मा ने कोर्ट में राज्य का पक्ष मजबूती से रखा। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। जांच एजेंसियों द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

बता दें कि कोल लेवी मामले की जांच के दौरान अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इस मामले में कुल 35 आरोपियों के खिलाफ पांच अभियोजन शिकायतें (चालान) विशेष अदालत में पेश की गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, कोल लेवी घोटाले में अब तक 273 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे व कार्रवाई संभव है। ईडी द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
