BY : Pranjal Yadav

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में धान का टोकन नहीं मिलने पर परेशान किसान 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया। ग्राम कसौंदी में किसान अनिल गढ़वाल (35 साल) करीब 3 घंटे तक वहीं चढ़ कर बैठा रहा। इस दौरान वह कभी झूलते नजर आया तो कभी पोल पकड़कर नीचे उतरते नजर आया।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें किसान ने साफ कहा कि जब तक बचे हुए धान के बिक्री नहीं होगी, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा।
किसान ने बताया कि आज धान खरीदी का आखिरी दिन है और 150 बोरा धान वह नहीं बेच पाया, उस पर डेढ़ लाख का कर्ज भी है। इस हरकत के बाद वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। बाद में किसी तरह समझाकर उसे नीचे उतारा गया।

धान नहीं बिका तो मानसिक रूप से परेशान था
जानकारी के मुताबिक, ग्राम कसौंदी निवासी किसान अनिल गढ़वाल (35 साल) के पास करीब 2.77 एकड़ कृषि भूमि है। जिसमें वह धान की खेती करता है।
अनिल का कहना है कि इस खरीफ सीजन में वो गोद धान मंडी में एक बार में 29 क्विंटल धान बेच चुका है, लेकिन उतनी ही मात्रा में 29 क्विंटल यानि करीब 150 बोरा धान अब तक नहीं बिका है।
बार-बार प्रयास के बावजूद जब उसका टोकन नहीं कटा, तो वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया।
गुस्से में 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन टावर पर चढ़ा
शनिवार (31 जनवरी) सुबह करीब 9 बजे गुस्से में किसान घर से निकलकर सीधे गांव के पास लगे 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया।
किसान की आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

किसान ने दी चेतावनी
सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं, तहसीलदार राजकुमार मरावी भी प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार किसान को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन किसान टावर से उतरने को तैयार नहीं था।
टावर के ऊपर से किसान अनिल ने साफ कहा कि ‘जब तक मेरा बचा हुआ धान नहीं बिकेगा, मैं नीचे नहीं उतरूंगा।’
चेतावनी से बढ़ी पुलिस-प्रशासन की टेंशन
इधर, किसान की चेतावनी के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम टेंशन में आ गई। उन्होंने हालात को देखते हुए नगर सेना (होमगार्ड) की टीम को भी बुलाया लिया।
रेस्क्यू के लिए जवान सुरक्षा जाली लेकर पहुंचे और टावर के नीचे जाली बिछा दी गई, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

पत्नी ने फोन पर की मिन्नतें, फिर भी नहीं माना किसान
वहीं किसान के टावर पर चढ़ने की जानकारी परिजन को मिली तो वह भी तुरंत मौके पर पहुंच गए। पत्नी ने मोबाइल से पति अनिल से बात की और उसे नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन अनिल सुनने को तैयार नहीं था। वह टावर पर इधर-उधर टहलता रहा और अपनी जिद पर अड़ा रहा।
3 घंटे तक चला किसान का ड्रामा
किसान का यह पूरा ड्रामा करीब तीन घंटे तक चलता रहा। इस हरकत से वहां मौजूद लोग काफी डर गए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी सब्र से काम लिया। आखिरकार अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान को सुरक्षित नीचे उतारा गया। किसान को नीचे उतारते ही पुलिस उसे अस्पताल ले गई। हालांकि किसान की हालत स्थिर है।
विधायक व्यास कश्यप बोले- हजारों किसान परेशान
जांजगीर के कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति में ऐसा कोई स्पष्ट लिखित आदेश नहीं है, फिर भी जिले में किसानों के लिए खास तौर पर कठोर फैसले लिए जा रहे हैं। इसकी वजह से आज हजारों किसान परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि कई किसानों के टोकन कट चुके हैं, तो कई ऐसे किसान हैं जिनके टोकन अब तक नहीं कट पाए हैं। इसी मजबूरी का नतीजा है कि ग्राम कसौंदी का एक किसान हाई टेंशन टावर पर चढ़कर विरोध कर रहा है।
किसान का कहना है कि जब तक सरकार उसका धान नहीं खरीदेगी, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा। किसान के पास 150 कट्टी से ज्यादा धान बचा हुआ है और उस पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज भी है।

किसान के हित में फैसले लेने की मांग
विधायक ने जिले के किसानों के हित में तुरंत फैसला लेने की मांग की। विधायक ने कहा कि कलेक्टर महोदय को मौखिक नहीं, बल्कि लिखित आदेश जारी करने चाहिए, क्योंकि केवल मौखिक फैसले किसानों के हित में नहीं हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि वे लगातार पंजीकृत किसानों की सही जानकारी लेने की मांग कर रहे हैं। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे भी ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।