BY : VIKAS SINHA (RAIPUR)
दुर्ग जिला न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। एक मामले में साइबर ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई, जबकि दूसरे मामले में चाकू की नोंक पर लूट करने वाले युवक को सात साल का सश्रम कारावास सुनाया गया।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शेख अशरफ की कोर्ट ने मोहम्मद रफीक (32) को दोषी ठहराया। उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 317 (2) और 61 (2) के तहत सजा सुनाई गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी मोहम्मद रफीक ने अपने पंजाब नेशनल बैंक, स्टेशन रोड दुर्ग स्थित खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया था। 15 अगस्त 2024 को दो अलग-अलग व्यक्तियों से 25-25 हजार रुपये ऑनलाइन ठगी के माध्यम से उसके खाते में जमा कराए गए थे। जांच में पाया गया कि यह खाता ‘म्यूल अकाउंट’ के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपना बैंक खाता और एटीएम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को सौंप रखा था, जिसके बदले उसे पैसे मिलते थे। भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर मोहन नगर पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच की थी।
न्यायालय ने अपने निष्कर्ष में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहा कि आरोपी को इस बात की जानकारी थी कि उसके खाते में आने वाली रकम चोरी की और साइबर ठगी से प्राप्त की गई थी, फिर भी उसने उसे अपने पास रखा।
अदालत ने आरोपी मोहम्मद रफीक को दोनों धाराओं के तहत 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास और 13-13 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। कुल 26 हजार रुपये की राशि पीड़िता रुखसार खान को मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
जानिए पूरा मामला
इसी क्रम में, सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने सत्र प्रकरण क्रमांक 201/2023 में आरोपी ऋषि कुमार यादव उर्फ लाला (23) को गंभीर लूट के मामले में दोषी करार दिया। उसे सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।

11 अगस्त 2023 को प्रार्थी हेमंत चंद्राकर अपने सहकर्मी के साथ स्कूटी से घर लौट रहा था। सुनसान गली में आरोपी ने रास्ता रोककर चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और स्कूटी, मोबाइल फोन, आधार कार्ड व 1400 रुपये नकद लूटकर फरार हो गया।
आरोपी गिरफ्तार, कब्जे से चाकू और नकदी बरामद
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से लूटी गई स्कूटी, मोबाइल, चाकू और नकदी बरामद की गई। गवाहों के बयान और पहचान परेड के आधार पर मामला न्यायालय तक पहुंचा।

कोर्ट ने सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड लगाया
कोर्ट ने आरोपी को धारा 397 IPC के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 341 IPC के तहत 1 माह के साधारण कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
कोर्ट की टिप्पणी – अपराध की प्रकृति सर्वोपरि
दोनों मामलों में अदालत ने स्पष्ट किया कि दंड तय करते समय केवल आरोपी की उम्र या पारिवारिक स्थिति ही नहीं, बल्कि अपराध की गंभीरता और समाज पर उसके प्रभाव को प्राथमिकता दी जाती है।
