
नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस की IFSO (Intelligence Fusion & Strategic Operations) यूनिट ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े इंटर स्टेट साइबर गिरोह का खुलासा किया है. यह गैंग खुद को पुलिस, CBI और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराता था. इस गिरोह ने एक 78 वर्षीय बुजुर्ग से करीब 2 करोड़ 19 लाख रुपये की ठगी की. मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की. इस केस ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी कई राज्यों में फैले हुए थे और सुनियोजित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे थे.

पीड़ित बुजुर्ग को सबसे पहले एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को लखनऊ पुलिस हेडक्वार्टर से सुमित मिश्रा बताया. उसने कहा कि बुजुर्ग के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दो गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं।. कॉलर ने बेहद सख्त और धमकी भरे लहजे में बात की, जिससे पीड़ित डर गया. जब बुजुर्ग ने उम्र अधिक होने और थाने न जा पाने की बात कही, तो ठगों ने नया हथकंडा अपनाया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्रवाई ऑनलाइन ही की जा सकती है. यहीं से ‘डिजिटल अरेस्ट’ की साजिश शुरू हुई.
