

खुलासा होने के बाद अब ग्रामीण अलग-अलग तरह के आरोप लगा रहे हैं। गांव की महिलाएं बताती है कि भाजपा नेता विनायक का इतना दहशत है कि “गांव में अगर किसी की मौत हो जाती है, तो श्मशान ले जाने के लिए भी दाऊ जी (विनायक ताम्रकर) की परमिशन लेनी पड़ती है।
जब तक वे नहीं कहते, तब तक लाश को अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाया जाता। यहां तक कि गांव के सरकारी शौचालय पर भी उनका कब्जा है, बिना उनकी मर्जी के हम वहां तक नहीं जा सकते। इस रिपोर्ट में जानिए अफीम के खुलासे और गांव में भाजपा नेता की दहशत से जुड़ी दिलचस्प कहानी:-
