इस कार्यक्रम में उन परिवारों ने दोबारा सिख पंथ को अपनाया, जिन्होंने पहले पारिवारिक परिस्थितियों या किसी प्रलोभन के कारण धर्म परिवर्तन कर लिया था। लेकिन सिख धर्म के सिद्धांतों और सेवा भाव से प्रभावित होकर उन्होंने फिर से अपनी जड़ों की ओर लौटने का निर्णय लिया।

यह कार्यक्रम गुरुद्वारा हरगोबिंद साहिब, कैंप-2, भिलाई में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।
कार्यक्रम की अगुवाई युथ सिख सेवा समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह चावला और छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के महासचिव गुरनाम सिंह कूका ने की।

इस दौरान रागी कमलजीत सिंह द्वारा कीर्तन किया गया और ग्रंथी सतविंदर सिंह ने अरदास करवाई। मुखवाक लेने के बाद सभी परिवारों को सिरोपाओ देकर सम्मानित किया गया और औपचारिक रूप से उनकी घर वापसी करवाई गई।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह पहल केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता और उनके जीवन को बेहतर बनाने का भी प्रयास है।

अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू ने कहा कि—
👉 “जो भी लोग किसी कारणवश धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, उनकी घर वापसी के लिए समिति लगातार प्रयास करती रहेगी और उनकी हर संभव मदद की जाएगी।”
इस कार्यक्रम में समाज के कई प्रमुख लोग और स्त्री सत्संग जत्था की सदस्याएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं।
यह पहल न सिर्फ धार्मिक जुड़ाव को दर्शाती है, बल्कि सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है।