रोपवे हादसा… पति की कमर टूटी, पत्नी की लाश बाजू में: अंतिम संस्कार से पहले माथे तक सिंदूर लगाने नहीं उठ सके हाथ, रो पड़े लोग

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे ने टीचर आयुषी धावरे की जान ले ली। पति ऐसे घायल हुए कि पत्नी को अंतिम विदाई देने तक के लिए उठ नहीं सके।

रीति-रिवाज के मुताबिक आखिरी वक्त में सिंदूर देना था, पर हाथ नहीं पहुंचे। कांपते रहे। इस विदाई को जिसने देखा, उसकी आंख में आंसू आ गए। आयुषी धावरे का अंतिम संस्कार रायपुर के मणिकर्णिका मुक्तिधान में किया गया।

आयुषी, पाटन के आत्मानंद स्कूल में पदस्थ थीं। चार महीने पहले, 23 नवंबर को उनकी शादी ऋषभ धावरे से हुई थी। घर में अभी शादी की खुशियों की गूंज खत्म भी नहीं हुई थी कि इस हादसे ने सब कुछ उजाड़ दिया। जिन लोगों ने कुछ महीने पहले आयुषी के शादी के फेरे देखे थे, वही लोग आज उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर गम में डूबे नजर आए।


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