

आज हम सभी एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना के साक्षी बने हैं। खल्लारी माता मंदिर में हुआ रोप-वे हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं… बल्कि कई परिवारों के सपनों के टूटने की कहानी बन गया है।
इस दर्दनाक हादसे में हमने अपने कई श्रद्धालु भाइयों-बहनों को खो दिया…
और कई लोग आज भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
यह घटना उस समय हुई जब श्रद्धालु पूरी आस्था और विश्वास के साथ माता के दर्शन के लिए जा रहे थे…
लेकिन अचानक रोप-वे टूटने से सब कुछ बदल गया।
खुशियों का माहौल… चीख-पुकार में बदल गया।
हम उन सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं…
और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।

साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
इस कठिन समय में राज्य सरकार द्वारा लिया गया निर्णय—
मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता—
निश्चित रूप से एक संवेदनशील कदम है…
लेकिन किसी अपने को खोने का दर्द… किसी भी मुआवजे से पूरा नहीं किया जा सकता।
आज जरूरत है कि हम सिर्फ शोक न मनाएं…
बल्कि इस हादसे से सबक लें।
👉 क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था?
👉 क्या रोप-वे की नियमित जांच की जा रही थी?
इन सवालों के जवाब जरूरी हैं…
ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
मैं प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो…
और जो भी जिम्मेदार हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।