
छग,कोरबा जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां धान बिक्री की परेशानी से जूझ रहे एक आदिवासी किसान ने जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रही है।
कोरबा जिले के हरदीबाजार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुटा निवासी आदिवासी किसान सुमेर सिंह धान खरीदी में आ रही लगातार दिक्कतों से बेहद परेशान था। बताया जा रहा है कि वह पिछले एक महीने से धान बेचने के लिए टोकन के इंतजार में भटक रहा था, लेकिन उसे कहीं से राहत नहीं मिली।

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अपनी समस्या के समाधान के लिए किसान सुमेर सिंह ने कलेक्टर जनदर्शन में भी आवेदन दिया था। हालांकि, वहां से भी उसे कोई ठोस समाधान नहीं मिल सका। इससे उसकी निराशा और मानसिक तनाव और अधिक बढ़ गया। इसी तनाव के चलते सुमेर सिंह ने जहर का सेवन कर लिया। घटना के बाद परिजनों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है

घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस सांसद ज्योत्सना महंत जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने किसान से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों से बातचीत की।


