रुंगटा कॉलेज भिलाई के स्टूडेंट ऑनलाइन ID में अतिरिक्त शुल्क..जाने क्या है पूरा मामला..

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दुर्ग जिले के भिलाई स्थित रुंगटा कॉलेज में एक नया मामला सामने आया है जो कि पहले भी कई बार आ चुका है हुआ कुछ यूं है कि एक छात्रा के ऑनलाइन पोर्टल में अतिरिक्त शुल्क के साथ और अतिरिक्त पैसे की जोड़ का मामला सामने आया है बताया ऐसा जा रहा है कि छात्र PGDCA का छात्र है और एग्जाम हो चुका है जिसके बाद छात्र को उनके क्लास टीचर कॉल करते हैं

इस मामले का फुल वीडियो जल्द ही आने वाला है

कि आपका NA यानी कि नॉन अटेंडिंग का अतिरिक्त शुल्क बचा हुआ है आपको पूरा मामला विस्तार से बताऊं तो नॉन अटेंडिंग का मतलब छात्र रेगुलर क्लास नहीं आएगा बस एग्जाम के समय में आकर अपना एग्जाम देगा हुआ कुछ यूं है की छात्रा ने सेमेस्टर एग्जाम दे दिया है जिसके बाद क्लास टीचर उसे कॉल करके कहते हैं कि आपका नॉन अटेंडिंग का अतिरिक्त शुल्क बचा हुआ है छात्र ने बोला ठीक है जब अन्य हुआ है Hint : नॉन अटेंडिंग का जितना भी पैसा लगा था उसके ऊपर फाइन लगा दिया गया 750.. पर month

तो अतिरिक्त शुल्क जमा कर दूंगा इसके बाद हुआ कुछ यूं कि जब छात्रा ने ऑनलाइन पोर्टल ओपन किया तो पता चला कि शुल्क जहां 800 से ₹900 लगा था वह बढ़कर 1250 कुछ रुपए हो गया है इसके बाद क्लास टीचर HOD तथा अन्य लोगों से बात करके भी कोई समाधान नहीं निकला, इसके बाद यह मामला संज्ञान में अभी आया है तो रुंगटा कॉलेज इस तरह से गरीब बच्चों से फाइन के ऊपर फाइन कैसे लगता है यह समझने में आपको आसानी होगी पर डे का ₹25 लगता है

मगर यह ₹25 पूरा महीना भर का एक साथ लगा दिया जाता है यानी कि एक दिन भी अतिरिक्त हुआ तो आपको 750 रुपए देना पड़ेगा तो सोचिए किस तरह की किस लेवल की धांधली इस भिलाई के कॉलेज में हो रही है कोई गरीब बच्चा किस तरह से इस कॉलेज में पढ़ सकता है हालांकि रुंगटा कॉलेज का पहला का भी कई लाखों करोड़ों रुपए बकाया है मगर अभी तक भिलाई नगर निगम इस रुंगटा कॉलेज के ऊपर कार्यवाही नहीं कर है सामान्य सभा में बात उठी थी सर्व सहमति भी बनी थी मगर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है

👉 आखिर क्या हो सकता है कि पोर्टल पर इतना पैसा आया ?

फिलहाल जो है इस मामले में अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है जो स्पष्ट हो पाया है वह है कि par ₹25 का फाइन लगाया गया है जो की कोई कोई ब्रांच में 750 रुपए पूरे month का एक साथ लगा दिया जाता है

फिलहाल अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है क्या यह टेक्निकल इशू है मगर अगर टेक्निकल इशू है तो अभी तक इसका समाधान क्यों नहीं हुआ ये एक सवाल है


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