
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रोपवे हादसे में शिक्षिका आयुषी धावरे की मौत हो गई। आयुषी पाटन के आत्मानंद स्कूल में पदस्थ थीं और रायपुर के राजातालाब इलाके में रहती थीं। उनकी शादी 4 साल पहले हुई थी। आज शंकर नगर मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसे में 16 श्रद्धालु घायल हुए हैं।”

आयुषी के पति ऋषभ धावरे, देवर शुभ धावरे और ननद शुभी का रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं दो अन्य घायल महासमुंद मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं, जबकि कुछ को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।”
“सभी श्रद्धालु चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन के लिए आए थे। दर्शन के बाद कुछ लोग रोपवे ट्रॉली से नीचे उतर रहे थे, तभी अचानक केबल टूट गया। ट्रॉली पहाड़ी से टकराई और उसमें सवार लोग करीब 20 फीट नीचे गिर गए।

इसी दौरान ऊपर जा रही दूसरी ट्रॉली भी असंतुलित होकर गिर गई, जिससे उसमें बैठे लोग भी घायल हो गए। जिला प्रशासन ने मामले की जांच की। लापरवाही सामने आने पर रोपवे संचालक और दो स्थानीय कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।”