IG शांडिल्य ने चार्ज लेने के बाद ली पहली बैठक: TI को दिए निर्देश, कहा-गंभीर अपराधों में खुद दर्ज करें FIR; लंबित मामले जल्द निपटाएं……

Share Now

BY : Pranjal Yadav

Advertisement

दुर्ग रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों की पहली अहम बैठक ली। पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी शामिल हुए।

बैठक में थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। आईजी ने कहा कि थाना प्रभारी पुलिसिंग में ढिलाई नहीं, बल्कि अनुशासन, जवाबदेही के साथ काम करें। इसके साथ ही IG ने कहा कि लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वालों की सूची बनाई जाए, ऐसे गंभीर मामलों में TI खुद ही FIR दर्ज करें। वहीं उन्होंने 90 दिनों में लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश दिए है।

Advertisement

पुलिस कर्मचारियों की निगरानी और नियंत्रण पर फोकस

बैठक के दौरान आईजी शांडिल्य ने अधिकारियों से परिचय लिया और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की।

उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य, गतिविधियों और आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस की छवि सीधे तौर पर आम जनता के विश्वास से जुड़ी होती है।

Advertisement

लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वालों की बनेगी सूची

आईजी ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि थाना स्तर पर सक्रिय निगरानी करते हुए शहर में संचालित व्यवसायिक संस्थानों, संदिग्ध कंपनियों और लुभावनी निवेश योजनाओं की पहचान की जाए। ऐसे संस्थानों का सर्वे कर सूची तैयार की जाए, ताकि आम नागरिकों को ठगी से बचाया जा सके और समय रहते कार्रवाई संभव हो।

खुद ही एफआईआर दर्ज करें टीआई

महत्वपूर्ण संपत्ति संबंधी एवं शरीर संबंधी अपराधों में एफआईआर को लेकर आईजी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों, विशेषकर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में प्रथम सूचना पत्र थाना प्रभारी खुद अनिवार्य रूप से दर्ज करेंगे। किसी भी स्तर पर टालमटोल या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

Advertisement



90 दिनों में मामलों का निराकरण करने निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि थानों में लंबित धोखाधड़ी के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। विशेष रूप से एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।

Advertisement

Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *