दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी है। वांगचुक को तुरंत मेदांता ले जाया जाएगा और सफदरजंग अस्पताल उनके इलाज के सभी मेडिकल दस्तावेज मेदांता को सौंपेगा

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दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी है। वांगचुक को तुरंत मेदांता ले जाया जाएगा और सफदरजंग अस्पताल उनके इलाज के सभी मेडिकल दस्तावेज मेदांता को सौंपेगा

“कोर्ट के निर्देश के अनुसार, मेदांता अस्पताल के निदेशक एक डॉक्टरों का पैनल बनाएंगे, जो सोनम वांगचुक के आगे के इलाज की पूरी देखरेख करेगा। वांगचुक को दिल्ली पुलिस 18 जुलाई को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी।”
देशभर में NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कांकेर जनता पार्टी यानी CJP का आंदोलन लगातार जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार को आंदोलन का 32वां दिन है, जहां हजारों प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
मंगलवार दोपहर तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर मौजूद रहे। सुबह कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने आंदोलनकारियों को नाश्ता भी वितरित किया। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।

जब पुलिस वहां पहुंची, तो प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले संसद मार्च के बाद सोमवार देर शाम दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर खाली कराया था, लेकिन कुछ ही देर बाद आंदोलनकारी फिर से एकत्र होकर धरने पर बैठ गए।

इधर, एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भी छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।


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