भिलाई के एक निजी शिक्षण संस्थान Rungta College को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कॉलेज के मेस में छात्रों को परोसे जा रहे भोजन में कीड़े मिले हैं। बताया जा रहा है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर छात्रों को किस तरह का भोजन दिया जा रहा है? जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल के लिए कॉलेज भेजा, अगर वहीं उनके बच्चों को दूषित खाना परोसा जाए तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
मामले में यह भी चर्चा है कि कॉलेज परिसर के अंदर कैंटीन संचालन को लेकर कई अनियमितताओं की बातें सामने आ रही हैं। यदि बिना नियमों के या अवैध तरीके से कैंटीन चलाई जा रही है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है।

अब निगाहें शासन-प्रशासन और फूड सेफ्टी विभाग पर हैं। क्या इस पूरे मामले की जांच होगी? क्या मेस और कैंटीन की खाद्य गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? या फिर मामला दबाने की कोशिश की जाएगी?
कॉलेज प्रबंधन पर यह आरोप भी लग रहे हैं कि वे प्रभाव और रसूख के दम पर कार्रवाई से बचने की बात करते हैं। यदि ऐसा है, तो यह और भी गंभीर विषय है, क्योंकि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है — छात्रों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कब तक कार्रवाई होगी, और क्या जिम्मेदार विभाग इस मामले में सख्त कदम उठाएंगे?