
खर्वे गांव में पिछले तीन महीनों के दौरान एक के बाद एक 8 लोगों की मौत हुई। शुरुआत में इन मौतों को सामान्य माना गया, लेकिन जब मौतों का सिलसिला नहीं रुका, तो पुलिस और ग्रामीणों को शक होने लगा।
जांच में जो खुलासा हुआ, वह किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म की कहानी से कम नहीं था।

आरोप है कि गांव का ही एक व्यक्ति अपने परिचितों को शराब में जहर मिलाकर पिलाता था। हैरानी की बात यह है कि जहर देने के बाद वही व्यक्ति पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
इतना ही नहीं, जब पीड़ितों की मौत हो जाती थी, तब वह उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था और परिवार के लोगों को सांत्वना देता था।

लगातार हो रही मौतों और पुलिस जांच के दौरान कई संदिग्ध कड़ियां एक ही व्यक्ति तक पहुंचीं। पूछताछ और सबूतों के आधार पर मामला खुलता गया और कथित साइको किलर का राज सामने आ गया।
हालांकि, इस मामले में हत्या के पीछे की असली वजह और आरोपी का मानसिक व्यवहार अब भी जांच का विषय बना हुआ है।
एक ऐसा आरोपी, जिसने पहले दोस्ती और भरोसा जीता, फिर उसी भरोसे को हथियार बनाकर लोगों की जिंदगी छीन ली।
बलौदाबाजार के इस सनसनीखेज मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट करके जरूर बताइए।