

सूत्रों के मुताबिक, 17 से 23 अगस्त तक चले कथा आयोजन के दौरान सात दोपहिया वाहन चोरी होने की शिकायतें पुलिस तक पहुंची हैं। इनमें पांच बाइक और दो स्कूटी शामिल हैं। चोरी हुए वाहनों की कुल कीमत करीब 1 लाख 38 हजार रुपये बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि 20 अगस्त को एक श्रद्धालु अपनी पत्नी के साथ कथा सुनने पहुंचे थे। उन्होंने सुबह करीब 11 बजे बाइक पार्क की और पंडाल में चले गए। दोपहर करीब 3 बजे लौटने पर बाइक गायब मिली।
वहीं, 22 अगस्त को एक ही दिन में दो बाइक चोरी होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा एक श्रद्धालु की स्कूटी भी पार्किंग से करीब 15 मिनट के अंतराल में गायब होने की बात कही जा रही है।
हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी वाले इस आयोजन के दौरान लगातार वाहन चोरी की इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, छत्तीसगढ़ टाइम्स इन घटनाओं और बताए गए आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से प्राप्त हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।