छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से नकली नोट छापने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर कर्ज चुकाने के लिए नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने का आरोप है।

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी किराए के मकान में कलर प्रिंटर की मदद से असली नोटों को स्कैन कर उनके नकली नोट तैयार करते थे। इसके बाद इन नोटों की कटिंग कर उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश की जाती थी।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब आरोपियों ने कथित तौर पर 4 लाख 50 हजार रुपये एक व्यक्ति को दिए। नोटों को देखते ही पीड़ित को शक हुआ, क्योंकि कई नोटों की कटिंग सही नहीं थी और कागज व रंग की क्वालिटी भी सामान्य नोटों से अलग दिखाई दे रही थी।

इसके बाद शिकायत पुलिस तक पहुंची और जांच शुरू हुई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से नकली नोट भी बरामद किए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को कंप्यूटर और इस तरह के काम का ज्यादा अनुभव नहीं था। इसके बावजूद कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने नकली नोट छापने का रास्ता अपनाया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने नकली नोट छापे, कितने बाजार में खपाए और इस पूरे मामले में उनके साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।


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