
मामला पेंड्रावन के आत्मानंद स्कूल का है, जहां कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 400 छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। छात्रों का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है। फिलहाल यहां सिर्फ 3 शिक्षक और 1 प्रिंसिपल हैं, जबकि बच्चों के मुताबिक पढ़ाई सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 17 शिक्षक होने चाहिए।

छात्रों का आरोप है कि शिक्षकों की कमी के कारण उनका कोर्स समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है और इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है।
इसी मांग को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त को भी प्रदर्शन किया था। मांग पूरी नहीं होने के बाद छात्रों ने एक बार फिर खैरागढ़-धमधा मेन रोड पर चक्काजाम कर दिया। यह सड़क बेमेतरा और धमधा को जोड़ती है, जिसके चलते काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि 21 अगस्त के प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनी थीं। उन्हें उम्मीद थी कि स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जल्द कार्रवाई होगी, लेकिन 25 अगस्त तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद नाराज छात्रों ने दोबारा सड़क पर उतरने का फैसला किया। छात्रों ने साफ कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर अब कलेक्टर और शिक्षा मंत्री से ही बात करेंगे।
छात्रों की मांग सिर्फ शिक्षकों की नियुक्ति तक सीमित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान ओपन स्कूल बंद करने की मांग भी सामने आई है।
छात्रों का कहना है कि वे पढ़ाई छोड़कर सड़क पर बैठना नहीं चाहते, लेकिन स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। ऐसे में अब उनकी नजर प्रशासन और सरकार की कार्रवाई पर है।
फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि करीब 400 विद्यार्थियों वाले इस स्कूल में शिक्षकों की कमी कब दूर होगी और छात्रों की पढ़ाई को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
कैमरा विजुअल्स: छात्रों का प्रदर्शन, चक्काजाम, स्कूल परिसर और मौके पर मौजूद छात्र-छात्राओं के विजुअल्स के साथ यह खबर दिखाई जा सकती है।