BY : Pranjal Yadav

दुर्ग जिले के धमधा स्थित श्रेया हॉस्पिटल के संचालक मनीष राजपूत और ड्यूटी ऑफिसर डॉ अभिषेक पांडे को धमधा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर ही आरोप है कि उनके हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद भी उसे जीवित बताते हुए बिना परिजनों के अनुमति के उसे भिलाई के शंकराचार्य हॉस्पिटल रेफर कर दिया।

दुर्ग जिले के धमधा स्थित श्रेया हॉस्पिटल के संचालक मनीष राजपूत और ड्यूटी ऑफिसर डॉ अभिषेक पांडे को धमधा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर ही आरोप है कि उनके हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद भी उसे जीवित बताते हुए बिना परिजनों के अनुमति के उसे भिलाई के शंकराचार्य हॉस्पिटल रेफर कर दिया।

शंकराचार्य हॉस्पिटल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उक्त महिला मरीज को मृत घोषित कर दिया था। जिसके बाद श्रेया हॉस्पिटल के द्वारा भेजे गए स्टॉप वहां से रफू चक्कर हो गए थे, जिसके बाद शंकराचार्य हॉस्पिटल के द्वारा उक्त महिला को लावारिश करार देते हुए मर्चुरी भेज दिया। दूसरे दिन परिजनों को जानकारी होने पर जब शंकराचार्य हॉस्पिटल पहुंचे तो उनकी मां की इस स्थिति को जानने के बाद जिला प्रशासन से श्रेया हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया था।
जिला प्रशासन ने संज्ञान में आने के बाद श्रेया हॉस्पिटल के संचालन में पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी मनोज दानी के द्वारा एक जांच समिति के रिपोर्ट के आधार पर गड़बड़ी सामने आने पर उक्त हॉस्पिटल के लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया था। मामले में मानव जीवन को खतरे में डालकर संचालन करने पर दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। जिसके बाद यह कार्यवाही की है।

बता दें ग्रामीण क्षेत्र की बुजुर्ग महिला पद्मा बाई को हड्डी टूटने के इलाज के लिए भर्ती कराया था लेकिन आपरेशन के बाद भी महिला को होश नहीं आया और तबीयत बिगड़ते गई। जिसके बाद परिजनों ने स्वयं ये स्पष्ट कर दिया था कि उनकी मां का देहांत हो चुका है लेकिन अस्पताल के नाम को खराब ना हो ऐसा सोचने हुए महिला को ऑक्सीजन लगाकर एंबुलेंस के जरिए अपने तीन स्टॉप के सहारे शंकराचार्य हॉस्पिटल भेज दिया। जिसके लिए परिजनों से अनुमति भी नहीं मांगी गई थी।
