BY :: Pranjal Yadav

रायपुर। आवासीय कॉलोनियों में सूने मकानों को निशाना बनाकर लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक आदतन चोर को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना डी.डी.नगर क्षेत्र अंतर्गत हुई कई चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने सिद्धार्थ सिंह उर्फ सिद्धू को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व में भी दर्जनभर से अधिक चोरी और नकबजनी के मामलों में जेल जा चुका है।

यह कार्रवाई रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद बढ़ रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर की गई। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल, पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा तथा सहायक पुलिस आयुक्त पुरानी बस्ती देवांश राठौर के मार्गदर्शन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट एवं थाना डी.डी.नगर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
टीम द्वारा चोरी की घटनाओं वाले क्षेत्रों में लगातार रात्रि गश्त की गई और सभी घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच के दौरान सामने आया कि एक गिरोह चोरी की दोपहिया वाहन का उपयोग कर आवासीय कॉलोनियों में घूम-घूमकर सूने मकानों को निशाना बना रहा था।

तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के माध्यम से टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर दुर्ग जिले के अमलेश्वर निवासी सिद्धार्थ सिंह उर्फ सिद्धू की संलिप्तता सामने आई। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात, नगद राशि, घटना में प्रयुक्त एक चोरी की दोपहिया वाहन, एक मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड जब्त किया है। जप्त मशरूका की कुल कीमत लगभग 4 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 4 घर चोरी और 1 दोपहिया वाहन चोरी के मामलों का खुलासा किया है। इन प्रकरणों में थाना डी.डी.नगर के अपराध क्रमांक 560/25, 43/26, 53/26, 55/26 और वाहन चोरी के अपराध क्रमांक 40/26 शामिल हैं। गिरोह बनाकर संगठित रूप से अपराध करने के कारण आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) सहित धारा 303(2), 331(4), 305 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी सिद्धार्थ सिंह उर्फ सिद्धू पिता राकेश सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी पी.आर.टी. कॉलोनी, अमलेश्वर जिला दुर्ग है। उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा है, जिसमें वर्ष 2019 से 2024 तक चोरी और नकबजनी के 11 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। अधिकारियों का मानना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य चोरियों का भी खुलासा हो सकता है। रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आवासीय कॉलोनियों में चोरी की घटनाओं पर पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई जारी रहेगी और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा
