33 नाबालिग बच्चों के जघन्य यौन शोषण पर 2 दोषियों को मृत्युदंड की सजा, Pornographic से जुड़ा केस, पढ़िए POCSO कोर्ट का फैसला

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ट्रायल कोर्ट ने प्रत्येक पीड़ित को राज्य सरकार द्वारा 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया।
33 नाबालिग बच्चों के जघन्य यौन शोषण के मामले में ऐतिहासिक फैसले में POCSO कोर्ट ने दो दोषियों को मृत्युदंड सुनाया।

33 नाबालिग बच्चों के जघन्य यौन शोषण केस में बड़ा फैसला आया है। 2 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यौन शोषण के मामले में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विशेष न्यायाधीश, POCSO प्रकरण, बांदा, उत्तर प्रदेश की अदालत ने आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को भारतीय दंड संहिता तथा POCSO अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
इन धाराओं में अप्राकृतिक अपराध, गंभीर प्रवेशात्मक लैंगिक अपराध, बच्चे का अश्लील उद्देश्यों के लिए उपयोग, बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का संग्रहण, उकसावा तथा आपराधिक षड्यंत्र शामिल हैं।


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