
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

प्रदर्शनकारी पंजाब की जेलों में सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में शामिल जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग भी की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कौमी इंसाफ मोर्चा कर रहा है। मोर्चे के नेताओं ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान भी किया है।

वहीं, चंडीगढ़ में गवर्नर हाउस के पास पहुंचने से पहले शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।