
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में बंद प्रज्वल रेवन्ना का मोबाइल फोन जब्त किया गया था। अब इस फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। जांचकर्ता फोन में मौजूद वीडियो फाइलों, तस्वीरों और दूसरे डिजिटल डेटा को खंगाल रहे हैं। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये सामग्री फोन में कहां से आई, कब डाउनलोड की गई और इसका मामले से कोई संबंध है या नहीं।

फोन से कथित वीडियो मिलने के बाद पुलिस ने नई FIR भी दर्ज की है। इसी मामले में जेल में बंद अंडरट्रायल कैदी प्रताप राय को भी आरोपी बनाया गया है।
इसके बाद सेंट्रल क्राइम ब्रांच यानी CCB ने बेंगलुरु सेंट्रल जेल में छापेमारी की। जेल DGP अलोक कुमार के मुताबिक, मंगलवार को हाई-प्रोफाइल कैदियों से जुड़े ठिकानों पर करीब 5 घंटे तक कार्रवाई चली।

रिपोर्ट के अनुसार, इस छापेमारी में कई कैदियों के पास से मोबाइल फोन मिलने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था।
वहीं, प्रज्वल रेवन्ना अगस्त 2025 से महिलाओं से जुड़े रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। वह जनता दल (सेक्युलर) के विधायक एचडी रेवन्ना के बेटे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—फोन में मिले कथित 90 वीडियो आखिर कहां से आए और इनका इस मामले से क्या कनेक्शन है? फिलहाल फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई से तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।