
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में सामने आए आरोपों के बाद कराई गई जांच के आधार पर की गई है। जांच की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा के क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च शिक्षा संचालनालय के आयुक्त ने कुलसचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
नोटिस में सरकारी वाहन के कथित निजी उपयोग, दुर्घटनाग्रस्त वाहन की मरम्मत में नियमों की अनदेखी, बीमा क्लेम नहीं कराने, रखरखाव पर आवश्यकता से अधिक खर्च और शासकीय राशि के उपयोग में अनियमितता जैसे बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

प्रारंभिक जांच में कई बिंदुओं पर अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। इसी आधार पर कुलसचिव को सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और सभी आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।