दुर्ग पुलिस ने लगातार हो रही चोरी की वारदातों का बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 32 लाख रुपये का चोरी का मशरूका बरामद किया है। बरामद सामान में लगभग 168 ग्राम सोने के आभूषण, 150 ग्राम चांदी के आभूषण, दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार, एक इंडिगो कार, एक फोर्ड इकोस्पोर्ट और एक एक्सेस स्कूटी शामिल हैं।

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दुर्ग पुलिस ने लगातार हो रही चोरी की वारदातों का बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 32 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है। बरामदगी में 168 ग्राम सोने के आभूषण, 150 ग्राम चांदी के आभूषण, दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार, एक इंडिगो कार, एक फोर्ड इकोस्पोर्ट और एक एक्सेस स्कूटी शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में लगातार सूने मकानों को निशाना बनाया जा रहा था। इसके बाद विशेष अभियान चलाया गया। कई दिनों तक रात्रि गश्त, सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने 10 जुलाई की रात एक संदिग्ध इंडिगो कार को रोकने की कोशिश की। चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

पूछताछ में मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा, निवासी जामुल और उसके साथी तुषार मिश्रा, निवासी भिलाई को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि अनुराग पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करता था। ऑनलाइन लोन और बढ़ते कर्ज के कारण आर्थिक संकट में आने के बाद उसने चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया।

पुलिस के अनुसार आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करते थे और फिर रात के समय सब्बल और अन्य औजारों की मदद से घरों में घुसकर सोने-चांदी के जेवर और कीमती सामान चोरी कर लेते थे। चोरी के जेवरों को अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर पैसे हासिल किए जाते थे। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया के तहत उन कंपनियों से भी गिरवी रखे गए आभूषण बरामद कर लिए हैं।

प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र की आठ चोरी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की जांच में जुटी हुई है।

दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि घर कुछ दिनों के लिए सूना छोड़ रहे हैं तो इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस या विश्वसनीय पड़ोसियों को जरूर दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।


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