दुर्ग जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां मदर-चाइल्ड यूनिट के ऑपरेशन थिएटर में बड़ी संख्या में चींटियां पहुंच जाने के कारण पिछले तीन दिनों से ऑपरेशन थिएटर को बंद करना पड़ा है।

संक्रमण के खतरे को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर इस ओटी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके चलते सीजेरियन डिलीवरी के साथ-साथ कई अन्य निर्धारित सर्जरी भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जरूरी और इमरजेंसी ऑपरेशन दूसरे ऑपरेशन थिएटर में किए जा रहे हैं, इसलिए किसी मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल की पुरानी इमारत, उखड़ी हुई टाइल्स और दीवारों में आई दरारों के कारण चींटियां ऑपरेशन थिएटर तक पहुंच रही थीं। वहीं, पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था में कमी और भवन की तकनीकी खामियों को भी इस समस्या की बड़ी वजह माना जा रहा है।

अस्पताल प्रबंधन ने प्रभावित हिस्से को सील कर दिया है और पेस्ट कंट्रोल, फ्यूमिगेशन तथा मरम्मत का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज के अनुसार संक्रमण का खतरा पूरी तरह खत्म होने के बाद अगले दो से तीन दिनों में मदर-चाइल्ड यूनिट का ऑपरेशन थिएटर फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस ऑपरेशन थिएटर में नवजात और माताओं की जान से जुड़े ऑपरेशन होते हैं, वहां ऐसी स्थिति आखिर बनी कैसे? क्या समय रहते रखरखाव और पेस्ट कंट्रोल किया जाता तो यह नौबत आती?