
घटना के बाद सोशल मीडिया पर 5 करोड़ रुपये की चोरी की खबर तेजी से वायरल हुई, लेकिन पुलिस जांच में यह दावा पूरी तरह गलत निकला। वास्तविक नुकसान इससे काफी कम पाया गया।

सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 10 से 13 साल की उम्र के तीन नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया। पूछताछ में तीनों ने चोरी की बात स्वीकार कर ली।
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने 1 लाख रुपये से अधिक नकदी, पुराने नोट, सोने-चांदी के जेवर, बहुमूल्य रत्न, पूजा के बर्तन और अन्य कीमती सामान बरामद कर लिया है। बरामद सामान की पहचान पीड़ित परिवार ने कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएं।