



छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महिला आरक्षक से रेप के आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को निलंबित कर दिया गया है। 6 महीने पहले जिले के डौंडी थाना क्षेत्र में एक महिला आरक्षक ने FIR दर्ज कराई थी कि दिलीप उइके शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाए। वह 3 बार प्रेग्नेंट हुई, तीनों बार जबरन अबॉर्शन करवा दिया था।
उस दौरान उइके बीजापुर में पदस्थ थे। युवती ने शिकायत में बताया कि डिप्टी कलेक्टर ने उसके नाम से कार खरीदी, 3 लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाए। लेकिन शादी की बात करने पर टालमटोल करता रहा। इसके बाद विवाद बढ़ा तो बातचीत बंद कर दी थी। बता दें कि 6 महीने तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने RTI लगाया था। जहां सामान्य प्रशासन विभाग ने सस्पेंड होने की जानकारी दी।

दोनों के बीच 8 साल से अफेयर था
आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके डौंडी ब्लॉक के अंवारी गांव का रहने वाला है। डौंडी क्षेत्र की रहने वाली सीएएफ महिला आरक्षक ने बताया कि उनका परिचय साल 2017 में हुआ था।
दोनों डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई के दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। ये बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती और फिर अफेयर में बदल गई। युवती का कहना है कि दिलीप ने उससे शादी का वादा किया। फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
मार्च 2017 में पहली बार कराया अबॉर्शन
युवती ने बताया कि वह और दिलीप उइके एक ही जाति के हैं। मार्च 2017 में वह पहली बार प्रेग्नेंट हुई। जब उसने यह बात दिलीप को बताई तो उन्होंने कहा कि पहले पढ़ाई पूरी होने दो, फिर शादी और बच्चे के बारे में सोचेंगे।
इसके बाद, दिलीप ने उसे बहला-फुसलाकर जबरन दवा देकर अबॉर्शन करवा दिया।
