
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, जनदर्शन और पीजीएन पोर्टल पर लंबित मामलों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कलेक्टर ने ई-एचआरएमएस की प्रगति की भी जानकारी ली। जिन विभागों में प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, उन्हें एनआईसी से संपर्क कर जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड की प्रगति भी प्रमुख मुद्दा रही। कलेक्टर ने सभी पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि ग्रामीण क्षेत्रों में 28 आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर स्थिति में हैं। कलेक्टर ने इन केंद्रों के निर्माण के लिए नरेगा और विकसित भारत जी-राम जी योजना के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा जिले के विभिन्न विभागों के लंबित बिजली बिलों के भुगतान को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने ट्रेजरी अधिकारी को विभागवार बिजली बिल मद में उपलब्ध बजट की सूची तैयार करने को कहा, ताकि लंबित देयकों का जल्द भुगतान किया जा सके।
सहकारी समितियों के लिए भू-आबंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द भू-आबंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान साइबर जागृति अभियान को लेकर भी अधिकारियों और कर्मचारियों को जागरूक किया गया। पुलिस विभाग द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
अधिकारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की शपथ दिलाई गई। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
कुल मिलाकर, बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, पात्र लोगों के शत-प्रतिशत आयुष्मान और वय वंदना कार्ड, जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, बिजली बिलों के भुगतान और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।