

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल में पिछले तीन महीनों में हुई 8 रहस्यमयी मौतों से पूरे इलाके में दहशत है। ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने 7 शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। इन मौतों को लेकर गांव में तंत्र-मंत्र, गड़ा धन और मानव बलि की आशंकाओं को लेकर चर्चाएं हैं।
मौत का कारण जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राम खर्वे पहुंची, जहां हर तरफ खामोशी थी। ग्रामीणों ने बताया कि जब लगातार 4 लोगों की मौत हुई तो गांव में शांति पूजा कराई गई, जिसमें 3 बकरों, 1 सुअर और कई मुर्गों की बलि दी गई। फिर भी मौतों का सिलसिला नहीं थमा।

गांव में शांति पूजा कराने वाले बैगा से लेकर सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों की जान चली गई। ग्रामीणों ने दावा किया कि जमीन में गड़े धन के लिए 21 नरबलि की तैयारी थी।
6 फरवरी से 14 मई तक 8 लोगों की मौत
खरवे गांव में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू की जान चली गई। मार्च महीने में 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की मौत हो गई।
इसके बाद 28 अप्रैल को गजानंद मांझी और 29 अप्रैल को चैतूराम साहू की मौत हो गई। सबसे हालिया मौत 14 मई को महेतरू साहू की हुई। महज 3 महीने के अंदर एक ही गांव में 8 लोगों की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे थे।

ग्रामीणों का दावा- 21 बलि की थी तैयारी
मृतक चैतू साहू के भाई और विनोद साहू के चाचा कामता प्रसाद ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें अलग-अलग समय पर रामसहाय जायसवाल ने शराब दी थी। उनका दावा है कि शराब पीने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई।
कामता प्रसाद के मुताबिक गांव में लगातार लोगों की मौत होने के बाद ऐसी चर्चा है कि किसी खजाने (गड़ा धन) को पाने के लिए 21 लोगों की बलि दी जा रही है, 8 की हो गई है 13 और बाकी है।
जिन लोगों की मौत हुई है उन्हें रामसहाय की ओर से ही शराब दी गई या किसी के जरिए पहुंचाई गई।